हाँ मैं हूँ राम तूफानों में खड़ा
हाँ मैं हूँ राम निश्चय पर अड़ा
मर्यादा मेरी लहू में बहती
कर्तव्य निभाने रण में खड़ा
स्वास में तूफान है मेरे
आँखों में है अंगारे
अपने निश्चय बल के सहारे
अधर्म पर मैं वज्र सा पड़ा
मैं वहीं हूँ जिसने रावण को मारा
अधर्मीयों को एक-एक कर संहार
किया पावन इस धरती को
दिया आराम जल्दी मिट्टी को
मैंने अनेकों बार जन्म लिया है
हर बार अपना कर्म किया है
कभी सुभाष कभी वल्लव कभी भगत
तो कभी लाल का नाम धरा है
मैंने फिर नया रूप लिया है
देख जो तेरे आगे खड़ा है
पहचान मुझे मैं हूँ राम
जान मुझे मैं हूँ राम
हाँ मैं हूँ राम युद्ध में भी स्थिर
हाँ मैं हूँ राम विचलित नहीं धीर
आया हूँ मैं करने युद्ध
माँ धरती को फिर करने शुद्ध।
हाँ मैं हूँ राम निश्चय पर अड़ा
मर्यादा मेरी लहू में बहती
कर्तव्य निभाने रण में खड़ा
स्वास में तूफान है मेरे
आँखों में है अंगारे
अपने निश्चय बल के सहारे
अधर्म पर मैं वज्र सा पड़ा
मैं वहीं हूँ जिसने रावण को मारा
अधर्मीयों को एक-एक कर संहार
किया पावन इस धरती को
दिया आराम जल्दी मिट्टी को
मैंने अनेकों बार जन्म लिया है
हर बार अपना कर्म किया है
कभी सुभाष कभी वल्लव कभी भगत
तो कभी लाल का नाम धरा है
मैंने फिर नया रूप लिया है
देख जो तेरे आगे खड़ा है
पहचान मुझे मैं हूँ राम
जान मुझे मैं हूँ राम
हाँ मैं हूँ राम युद्ध में भी स्थिर
हाँ मैं हूँ राम विचलित नहीं धीर
आया हूँ मैं करने युद्ध
माँ धरती को फिर करने शुद्ध।