हाँ मैं हूँ राम

Wednesday, October 7, 2020

एक शेर था मेरे धरती माँ का: एक शेर था मेरे धरती माँ का

एक शेर था मेरे धरती माँ का: एक शेर था मेरे धरती माँ का: एक शेर था मेरे धरती माँ का कहते थे सरदार जिसको जिसने माँ के अंग बचाएं होने ना दिया तितर-बितर इसको इसने अपनी जो कमर थी कसल...
Posted by निखिल कुमार at 4:26 AM No comments:
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